सागर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंगलवार को कलेक्टर सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में किसानों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों पर सख्ती दिखाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसानों से किसी भी अधिकारी की लापरवाही की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में उपार्जन कार्यों की प्रगति, परिवहन व्यवस्था, भुगतान प्रक्रिया तथा किसानों को मिल रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन सिंह, डिप्टी कलेक्टर विजय डहेरिया, श्रीमती ज्योति बघेल, राजेश त्रिपाठी, राहुल बघेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री श्री राजपूत ने परिवहन व्यवस्था में हो रही देरी और अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रांसपोर्टरों की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परिवहन कार्य में देरी करने वाले अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

बैठक के दौरान मंत्री ने उन किसानों को बड़ी राहत दी जिनके स्लॉट पहले से बुक हो चुके हैं और तुलाई भी हो चुकी है। उन्होंने ऐसे किसानों की समयावधि बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
केसली के साइलो बैग में करीब एक हजार क्विंटल गेहूं खराब होने के मामले पर भी मंत्री ने गंभीर नाराजगी जताई। उन्होंने बारदाना ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ठेकेदार का कार्य समिति तक बारदाना पहुंचाना था, लेकिन उसने एक ही स्थान पर बारदाना रख दिया, जिससे अव्यवस्था फैली। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामले में जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वेयरहाउस में किसानों का माल जमा होते ही तत्काल स्वीकृति पत्रक जारी किया जाए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द भुगतान मिल सके। मंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि यदि किसी वेयरहाउस मैनेजर द्वारा किसानों का माल जमा नहीं किया जाता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर न्यूनतम छह तौल कांटे उपलब्ध होने चाहिए और लगातार उपार्जन कार्य जारी रखा जाए। उन्होंने किसानों की सुविधा के लिए सभी केंद्रों पर पेयजल, धूप से बचाव के लिए छाया तथा पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि सागर जिले में कुल 173 उपार्जन केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर उपार्जन कार्य जारी है। अब तक 45 हजार 210 किसानों से 3 लाख 14 हजार 557 मीट्रिक टन उपज खरीदी जा चुकी है। जिले में कुल 77 हजार 337 किसानों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से 55 हजार 935 किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक 2 लाख 41 हजार 159 मीट्रिक टन उपज का परिवहन किया जा चुका है। जिले में वर्तमान में 965 गठान बारदाना उपलब्ध है। वहीं 27 हजार 197 किसानों को 395.2 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

उप संचालक कृषि द्वारा बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 69 हजार 856 किसानों ने 1 लाख 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में चना और मसूर फसलों का पंजीयन कराया है। इनमें से 35 हजार 18 किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई और 28 हजार 300 किसानों से लगभग 70 हजार मीट्रिक टन चना-मसूर की खरीदी की गई है। अधिकारियों ने बताया कि कुल 56 हजार मीट्रिक टन परिवहन के लिए आरटीटीयू है, जिसमें से 42 हजार मीट्रिक टन परिवहन कर 30 हजार मीट्रिक टन स्वीकृत किया गया है तथा किसानों को 161 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।
बैठक के अंत में मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी सात दिनों में शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारू बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।