Damoh जिले के जबेरा थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां लगभग 500 फीट ऊंचे पहाड़ से गिरने के कारण 12 भैंसों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वहीं दो अन्य भैंसें गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए पशु चिकित्सालय भेजा गया है। मामले में पशु मालिक ने अज्ञात लोगों पर भैंसों को जानबूझकर धक्का देने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार मामला Sigramapur Police Outpost क्षेत्र के तेलन घाटी मार्ग का है। यह घाटी काफी ऊंचाई और खतरनाक मोड़ों के लिए जानी जाती है। मंगलवार रात किसी समय 14 भैंसें पहाड़ी क्षेत्र में पहुंच गईं, जिनमें से 12 भैंसें गहरी खाई में गिर गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बुधवार सुबह जब राहगीर घाटी मार्ग से गुजर रहे थे, तब उन्होंने सड़क किनारे और नीचे खाई में भैंसों के शव पड़े देखे। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृत भैंसों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस आसपास के क्षेत्र में भी जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

पशु मालिक राहुल राय, निवासी कंजई गांव, ने बताया कि उनकी कुल 14 भैंसें थीं। इनमें से 12 की मौत हो गई, जबकि दो घायल भैंसों को उपचार के लिए पशु अस्पताल पहुंचाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अज्ञात लोगों ने जानबूझकर उनकी भैंसों को पहाड़ से धक्का दिया है।
राहुल राय के अनुसार आसपास के क्षेत्र में कुछ किसानों की मूंग की फसल लगी हुई है। उन्हें आशंका है कि भैंसें संभवतः खेतों में चली गई होंगी, जिसके बाद किसी ने गुस्से में उन्हें पहाड़ से नीचे धक्का दे दिया। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि पुलिस इस मामले को केवल धक्का देने की घटना मानकर नहीं चल रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में भैंसों का पहाड़ से गिरना कई सवाल खड़े करता है। पुलिस का मानना है कि संभव है कुछ लोग भैंसों को चोरी करने के उद्देश्य से इकट्ठा कर रहे हों और उन्हें पहाड़ी रास्ते से ले जाया जा रहा हो। इसी दौरान भैंसें बेकाबू होकर खाई में गिर गई हों।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या भैंसों को किसी दिशा में खदेड़ा गया था। क्योंकि घटना स्थल ऐसा क्षेत्र है जहां से एक लिंक रोड पौड़ी, बमोरी और बनवार मार्ग को जोड़ता है। रात के समय यह इलाका काफी सुनसान रहता है और लोगों की आवाजाही बहुत कम होती है। इसी कारण घटना को किसी ने प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा।
स्थानीय लोगों के अनुसार बुधवार सुबह जब लोगों ने एक साथ इतनी बड़ी संख्या में भैंसों के शव देखे तो इलाके में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कई लोगों ने इसे सुनियोजित घटना बताया, जबकि कुछ लोग इसे हादसा मान रहे हैं।
घटना के बाद पशुपालकों में भी चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पशु चोरी और आवारा गतिविधियों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पशु मालिक की शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि भैंसें खुद नीचे गिरीं या उन्हें किसी ने जानबूझकर खदेड़ा अथवा धक्का दिया।
फिलहाल घायल भैंसों का इलाज जारी है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और ग्रामीण प्रशासन से जल्द सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।