कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मंगलवार को मालथोन में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। जनसुनवाई में राजस्व, सामाजिक न्याय, पेयजल, जल संसाधन, लोक सेवा गारंटी और अन्य विभागों से जुड़े अनेक प्रकरण सामने आए, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष मामलों के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाया गया।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को शासन की सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से भटकना नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व विभाग से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आवेदकों को भूमि संबंधी दस्तावेजों की नकल तत्काल उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों की प्रतिलिपि प्राप्त करने में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

भू-अर्जन से संबंधित लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने पटवारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित सुधार कार्य आगामी शुक्रवार तक पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।
जिन मामलों में सीमांकन होने के बावजूद अवैध कब्जे की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उन मामलों में कलेक्टर ने पुलिस बल की उपस्थिति में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमांकन के बाद भी यदि किसी व्यक्ति द्वारा भूमि पर अवैध कब्जा बनाए रखा गया है तो उसे तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए।
मौका मुआयना और मौका परीक्षण से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तहसीलदारों को स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कार्यालयीन रिपोर्टों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय अधिकारी स्थल पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें। इस कार्य के लिए 5 जून 2026 की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
जनसुनवाई में पहुंचे दिव्यांगजनों की समस्याओं को भी प्राथमिकता से सुना गया। कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिए कि पात्र दिव्यांगजनों के नाम तत्काल व्हीलचेयर वितरण सूची में जोड़े जाएं ताकि उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इसके साथ ही युवाओं एवं विद्यार्थियों से जुड़े जाति प्रमाण-पत्र के मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पात्र आवेदकों को शीघ्र प्रमाण-पत्र जारी किए जाएं, जिससे उनकी शिक्षा और रोजगार संबंधी प्रक्रियाएं प्रभावित न हों।
गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल संकट से जुड़े मामलों पर भी विशेष चर्चा हुई। जिन क्षेत्रों से जल आपूर्ति बाधित होने या पेयजल संकट की शिकायतें प्राप्त हुईं, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि गर्मी के मौसम में नागरिकों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना चाहिए और संबंधित विभाग निरंतर निगरानी बनाए रखें।

जल संसाधन विभाग से जुड़े भू-अर्जन मुआवजा मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अतिरिक्त कलेक्टर (विकास) को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरण सात दिवस के भीतर प्रस्तुत किए जाएं ताकि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत एसडीएम न्यायालयों में लंबित मामलों पर भी कलेक्टर ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित न्यायालयीन प्रकरणों का सात दिनों के भीतर सकारात्मक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि न्याय में अनावश्यक देरी नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित करती है।
उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों के आवेदन तकनीकी कमियों के कारण निरस्त हो गए थे, उनके प्रकरणों को सुधार कर पुनः प्रस्तुत किया जाए ताकि पात्र आवेदक योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

कलेक्टर ने सीमांकन, भू-अर्जन और भूमि कब्जे से जुड़े सभी प्रकरणों को विशेष अभियान चलाकर 10 जून तक निराकृत करने के निर्देश दिए। साथ ही एसडीएम को 11 जून तक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा, जिसमें निराकृत प्रकरणों की संख्या और लंबित मामलों के कारणों का स्पष्ट उल्लेख हो।
जनसुनवाई के समापन पर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि गरीब, किसान, मजदूर और जरूरतमंद लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर जनसुनवाई में आते हैं। इसलिए उनके आवेदनों को पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय-सीमा में निराकरण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर के सख्त निर्देशों और जवाबदेही तय किए जाने से जनसुनवाई में पहुंचे नागरिकों ने संतोष व्यक्त किया तथा उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।