पेंशन प्रकरणों के निराकरण में नहीं हो देरी, विशेष शिविर लगाकर करें समाधान: कमिश्नर अनिल सुचारी !

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सागर संभाग के कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने सेवा निवृत्त शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लंबित पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन का लाभ मिलना उनका अधिकार है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सभी अविवादित पेंशन प्रकरणों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा आवश्यकतानुसार विशेष शिविर आयोजित कर लंबित मामलों का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

कमिश्नर श्री सुचारी ने यह निर्देश पेंशन विभाग, कोषालय विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग तथा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कार्यों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और विभागीय प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।

बैठक में पेंशन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने संयुक्त संचालक पेंशन को निर्देशित किया कि सागर संभाग में जितने भी अविवादित पेंशन प्रकरण लंबित हैं, उन्हें तत्काल प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा करते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना आवश्यक है।

कमिश्नर ने कहा कि विभागीय अधिकारी जिला स्तर और संभाग स्तर पर विशेष पेंशन शिविर आयोजित करें, जहां लंबित मामलों का मौके पर परीक्षण कर उनका निराकरण किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकरण में तकनीकी या प्रशासनिक बाधा है तो उसका समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि कोई भी पात्र कर्मचारी अपने अधिकारों से वंचित न रहे।

बैठक में शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन निर्धारण संबंधी मामलों की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने पाया कि कई विभागों में वेतन निर्धारण के प्रकरण अभी भी लंबित हैं। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों की सूची तैयार कर उनका त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि वेतन निर्धारण से संबंधित मामलों का सीधा प्रभाव कर्मचारियों के आर्थिक हितों पर पड़ता है, इसलिए इन्हें अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।

संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा ने बैठक में जानकारी दी कि विभाग द्वारा पेंशन प्रकरणों और वेतन निर्धारण के मामलों के निराकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी अविवादित मामलों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लंबित प्रकरणों की नियमित निगरानी की जाएगी।

बैठक के दौरान ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। समीक्षा में सामने आया कि सागर संभाग में विभाग के हजारों स्वीकृत निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हो पाए हैं। इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अप्रारंभ कार्यों को शीघ्र प्रारंभ किया जाए और अधूरे निर्माण कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए।

कमिश्नर ने बताया कि संभाग में लगभग 2,834 स्वीकृत कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में निर्माण कार्य अधूरे पड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी से जनता को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित होती हैं, इसलिए सभी निर्माण एजेंसियों को गंभीरता के साथ कार्य करना होगा।

बैठक में यह भी जानकारी सामने आई कि सागर संभाग में लगभग 735 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से अब तक केवल 94 कार्य ही पूर्ण हो सके हैं। इस पर कमिश्नर ने अधीक्षण यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्माण गति बढ़ाई जाए और अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।

ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि निवाड़ी जिले में जिला पंचायत भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके अतिरिक्त संभाग की 12 जनपद पंचायतों के भवनों का निर्माण भी विभिन्न चरणों में जारी है। अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

बैठक में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत चल रहे कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत स्वीकृत सभी शेष सड़क एवं पुलिया निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क विकास की आधारशिला है और निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के महाप्रबंधक ने बैठक में जानकारी दी कि सागर संभाग में कुल 69 सड़कें स्वीकृत हुई थीं, जिनमें से 61 सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष कार्यों पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि अधूरी पुलियों का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मजरा-टोला सड़क योजना के तहत सागर संभाग में 1,277 मार्गों के निर्माण को स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक के दौरान कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने विधायक निधि, पीएमश्री योजना, मुख्यमंत्री मॉनिटरिंग, 15वें वित्त आयोग, जिला खनिज प्रतिष्ठान मद तथा आदिवासी विकास योजना के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विकास योजनाओं के कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।

कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता जनता तक सुविधाओं और विकास कार्यों का लाभ समय पर पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों और अधूरे विकास कार्यों को तेजी से पूरा करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही या अनावश्यक विलंब की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।

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