दमोह। सड़क सुरक्षा को लेकर दमोह पुलिस ने बुधवार शाम एक विशेष अभियान चलाया, जिसमें पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी स्वयं सड़क पर उतरकर वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने का संदेश देते नजर आए। शहर के प्रमुख कीर्ति स्तंभ चौराहे पर आयोजित इस अभियान के दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई, वहीं हेलमेट नहीं पहनने वाले लोगों को मुफ्त हेलमेट वितरित कर जागरूक भी किया गया।
विशेष बात यह रही कि पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने स्वयं कई वाहन चालकों को हेलमेट पहनाकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया। अभियान के दौरान एडिशनल एसपी सुजीत सिंह, यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को, कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
पुलिस को देखकर रास्ता बदलने लगे वाहन चालक
जैसे ही शहर के प्रमुख चौराहे पर पुलिस की सघन चेकिंग शुरू हुई, कई वाहन चालक पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए रास्ता बदलकर निकलने का प्रयास करते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने गलियों और वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण कई वाहन चालकों की जांच की गई।

अभियान के दौरान लगभग 20 ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जो यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। पुलिस ने मौके पर ही चालान बनाकर जुर्माना वसूला और भविष्य में नियमों का पालन करने की चेतावनी भी दी।
हेलमेट वितरण के साथ जागरूकता अभियान
पुलिस का यह अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें लोगों को जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया। हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों को मुफ्त हेलमेट वितरित किए गए और उन्हें सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट सबसे अधिक जानलेवा साबित होती है। ऐसे में हेलमेट का उपयोग जीवन बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से हेलमेट वितरण कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा बनाया गया।
मॉडिफाइड साइलेंसर और काली फिल्म पर सख्ती
एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान उन वाहनों पर विशेष ध्यान दिया गया जिनमें मॉडिफाइड साइलेंसर लगाए गए थे। ऐसे साइलेंसर ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं और आम नागरिकों को परेशानी का कारण बनते हैं।

इसके अलावा कारों में नियमों के विरुद्ध लगाई गई काली फिल्म, बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहन तथा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिसकर्मियों के लिए भी समान नियम
अभियान के दौरान एसपी आनंद कलादगी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा नियम केवल आम नागरिकों के लिए नहीं हैं, बल्कि पुलिसकर्मियों पर भी समान रूप से लागू होंगे।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान बिना हेलमेट के वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी चालानी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग में नियमों के पालन की शुरुआत स्वयं पुलिसकर्मियों से करने पर जोर दिया गया है।
नंबर प्लेट पर पदनाम लिखने वालों पर भी कार्रवाई
एसपी ने बताया कि कई लोग अपनी निजी गाड़ियों की नंबर प्लेट पर पदनाम, राजनीतिक पहचान या अन्य प्रकार के नाम लिखवाकर चलते हैं, जो मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन है। ऐसे लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वाहन की नंबर प्लेट केवल निर्धारित प्रारूप में ही होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति अपनी निजी गाड़ी पर पद, संगठन या अन्य पहचान दर्शाने वाले शब्द लिखवाकर घूमता पाया गया तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हर सप्ताह चलेगा विशेष अभियान
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए अब सप्ताह में एक दिन शहर के प्रमुख चौराहों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान वाहन चेकिंग, हेलमेट वितरण और जागरूकता कार्यक्रम एक साथ आयोजित किए जाएंगे।

पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर
दमोह पुलिस की इस पहल को नागरिकों ने सकारात्मक कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल दंडात्मक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा करना भी आवश्यक है।
कीर्ति स्तंभ चौराहे पर चला यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जहां कानून का पालन कराने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया गया। प्रशासन को उम्मीद है कि ऐसे नियमित अभियानों से यातायात नियमों के पालन की संस्कृति मजबूत होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।